नागपुर दिनांक 16 नवंबर (महानगर प्रतिनिधि)
अमरावती में 2 दिन हुई हिंसा के बाद एहतियातन पुलिस प्रशासन सतर्कता बरत रहा है और नागपुर में धारा 144 की घोषणा की गई है। इसके बीच भाजपा पदाधिकारियों को कल मोर्चा निकालना महंगा पड़ा। धारा 144 का उल्लंघन करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ धंतोली थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। मामला राजनीति से जुड़ा होने के कारण थाने के अधिकारी इस बारे में जानकारी देने से कतराते रहे।
कानून व्यवस्था बिगड़ सकती थी
त्रिपुरा प्रकरण को लेकर राज्य की कानून व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। अमरावती, कारंजा,नांदेड़ आदि शहरों में हिंसक घटनाएं हुईं हैं। निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है। स्थिति को भांपते हुए पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के आदेश पर सह आयुक्त अश्वती दोरजे ने नागपुर शहर में भी एहतियात के तौर पर धारा 144 लागू की है। इसके चलते पांच या उससे अधिक लोग समूह के रूप में एक जगह जमा नहीं हो सकते। मोर्चे-धरने आंदोलन पर भी अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसके बावजूद स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने सोमवार को मोर्चा निकालकर धारा 144 और कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन िकया है। प्रतिबंध के बावजूद मोर्चा निकालने से कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा उत्पन्न हुआ था। लिहाजा, धंतोली थाने में भादवि 1860 की धारा 188 के तहत प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज िकया गया है।






