सगी मां ने अपनी नाबालिग बेटी को देह व्यवसाय की दलदल में ढकेल दिया. रिश्तेदार की मदद से उसे 20 लाख रुपये में मुंबई के दलाल को बेच दिया. लगातार 4 वर्षों से वह हवस का शिकार बनती रही. आखिर उसकी दादी ने ही मदद की और लड़की हिम्मत कर पुलिस स्टेशन पहुंची.
लकड़गंज पुलिस ने पीड़ित युवती की शिकायत पर उसकी मां और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार वर्ष 2017 में सगी मां ने किशोरी को देह व्यवसाय के लिए अपने रिश्तेदार के हाथों सौंप दिया. उसे डान्स बार में नचाने के लिए मुंबई ले जाया गया. वह काम करने की इच्छुक नहीं थी इसीलिए वापस गांव में छोड़ दिया गया.
1 वर्ष बाद मां ने रिश्तेदार की मदद से उसे 20 लाख रुपये में देह व्यवसाय करने वालों को बेच दिया. जबरन किशोरी से देह व्यवसाय करवाया गया. यातनाएं दी गईं लेकिन फायदा नहीं होने के कारण रिश्तेदार ने उसे वापस घर पर छोड़ दिया. वर्ष 2020 में रिश्तेदारों ने फिर उसे नागपुर में चकलाघर चलाने वाली महिला को बेच दिया. महिला उससे जबरन देह व्यवसाय करवाती थी.
भोजन में नशे की गोलियां दी जाती थीं. 16 वर्ष की होने के बावजूद उसे इंजेक्शन दिए जाते थे जिससे उसकी उम्र और शरीर बड़ा लगे. इसी वर्ष एक ग्राहक की मदद से वह गंगाजमुना से भाग निकली और अपने गांव चली गई. कुछ दिन उसे अपने पास रखने के बाद मां ने फिर उसे बेचने की तैयारी कर ली लेकिन इस बार पीड़िता की दादी ने उसे हिम्मत दी.
चुपचाप घर से भाग जाने को कहा. पीड़िता और उसके 4 वर्षीय भाई को बस में बैठाकर नागपुर रवाना कर दिया. नागपुर पहुंचने के बाद पीड़िता सीधे लकड़गंज पुलिस स्टेशन गई. वहां पुलिस को अपने ऊपर हुए अत्याचार की जानकारी दी. पुलिस ने उसकी शिकायत पर विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पीड़िता और उसके भाई को बाल सुधार गृह में रखा जाएगा.






