जायडेक्स कंपनी ने प्रकल्प संजीवनी अर्थात जमीन की जैविकता और उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए एक नई पद्धति और नए उत्पादों का निर्माण किया है इस नई पद्धति की खासियत यह है कि प्रथम बार प्रयोग से पहले ही फसल चक्र में किसान रासायनिक खाद मुक्त फसल ले सकेंगे ऐसी जानकारी कंपनी के प्रबंध संचालक डॉ अजय रांका ने नागपूर में आयोजित एक कार्यक्रम में दी
डॉ.रांका ने कहा 25 साल में हमें भारत की खेती को किधर ले जाना है और कैसे ले जाना है यह हमें तय करना होगा उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी कंपनी ने लगभग 12 सौ किसानों का सर्वे किया जिसमें 98 % किसानों की समस्या जमीन की मिट्टी से जुड़ी हुई पाई गई वही बहुतांश किसान गोबर खाद की क्वालिटी से संतुष्ट नहीं थे इसीलिए उन्होंने इस नई पद्धति को विकसित किया जिससे किसानों का फायदा हो सके और आम लोगो को भी केमिकल मुक्त अनाज और फल मिल सके
डॉ रांका ने चिंता जाहिर करते हुए कहा की पिछले 15 सालों में केमिकल का प्रमाण बहुत तेजी से बढ़ा है जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक है और अभी इस पर रोकथाम नहीं लगाई तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा
डॉ रांका ने कहां उनकी नई पद्धति द टॉनिक आविष्कारक प्लेटफार्म उन्होंने पिछले 5 वर्षों में विविध संसाधनों के आधार पर विकसित किया है और अब इसके तहत वह अनेक जैविक उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैंं
डॉ रांका ने कहा निसर्ग हमेशा सही होता है ईश्वर ने निसर्ग को बहुत सुंदर बनाया है और उस को सजाना और सवारना समय की मांग है, जैविक खेती के मिशन को आगे बढ़ाने से ही हम भविष्य में कि आने वाली पीढ़ी को लाभ पहुंचा पाएंगे उन्होंने पशुधन को बचाए रखने पर भी जोर देते हुए कहा कि पशुधन ही खेती को मुनाफे में बदल सकता है
इस कार्यक्रम के अंत में सफलता के लिए आभार हर्षद करवा ने माना, कार्यक्रम में पवन मूंधड़ा ,कमल किशोर करवा,हरीश मुनोत,दीपक देशमुख,नितिन जलकर, राहुल राठी, स्वप्निल टूटे ,हरी गुप्ता ,प्रदीप गुप्ता विजय ढोले, नितिन गांधी, एम.राठी, मोहन पटेल, हर्षद ठक्कर, किशोर वाघमारे, आनंद टेकाडे,सुनील डेली कर, संतोष लड्ढा,निखिल मसराम, नरेश नासरे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थेे






