महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत (Nitin Raut) ने मंगलवार को बिजली बिल ना भर पाने की हालत में किसानों के बिजली कनेक्शन काटने के फैसले को वापस ले लिया. साथ ही यह भी कहा कि जिनकी बिजली काट दी गई है, उनका कनेक्शन फिर से बहाल किया जाएगा. अगले तीन महीने तक यानी जब तक फसलों की कटाई नहीं हो जाती, तब तक बिल ना भर पाने पर भी कनेक्शन बहाल रहेगा.
नितिन राउत ने कहा कि तीन करोड़ उपभोक्ताओं वाली सरकारी बिजली वितरण कंपनी महावितरण को किसानों ने 34,000 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया है. इससे महावितरण पर 9,176 करोड़ रुपये का बकाया है और 20,268 करोड़ रुपये की देनदारी है.
सरकार ने पहले ही समय पर भुगतान करने वालों को दो फीसदी की छूट दी हुई है. महावितरण को चलाने के लिए बैंकों से कर्ज लेना पड़ता है. बिजली बिल जमा नहीं हो पाने से महावितरण अपनी देनदारियां नहीं पूरी कर पा रही है.
नितिन राउत ने कहा, महावितरण के कर्मचारियों ने कोविड काल में भी, चक्रवातीय तूफानों के वक्त भी दिन-रात लग कर काम किया. महावितरण के कई कर्मचारियों की इस दौरान जान चली गई. कई राज्यों में बिजली की कटौती हुई, लेकिन महाराष्ट्र में बिजली आपूर्ति जारी रही.
महावितरण किसानों के बारे में सोचता है. लेकिन ग्राहकों को भी यह सोचना जरूरी है कि महावितरण के कर्मचारियों का खर्च, दिन-प्रतिदिन महावितरण चलाने का खर्च. बैंकों की देनदारियां कैसे पूरी होंगी अगर बिल नहां भरे जाएंगे. इन मुश्किलों को बताते हुए भी विपक्ष के कड़े रुख के आगे नरम पड़ कर उर्जा मंत्री ने किसानों के बिजली कनेक्शन को बहाल करने की घोषणा की और यह साफ किया कि अगले तीन महीनों तक किसानों की बिजली बिल ना भर पाने की हालत में भी नहीं काटी जाएगी.






