नागपुर दिनांक 22 दिसंबर (महानगर प्रतिनिधि)
मध्य भारत का सबसे बड़ा एवं भव्य कृषि सम्मेलन
एग्रोविजन कार्यशाला में प्रदर्शनी और संगोष्ठी
२४ से २७ दिसंबर २०२१ तक भारतीय कृषि विकास में अनुभव करें
भारतीय कृषि क्षेत्र के भविष्य का एग्रोविजन में अनुभव करें
थीम: समृद्ध खेती के लिए नई तकनीक एग्रोविजन की तैयारी अब पूरी होने की ओर
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रेरणा से शुरू हुई मध्य भारत की सबसे बड़ी कृषि प्रदर्शनी ‘अॅग्रोव्हिजन’ का आयोजन इस साल २४ दिसंबर २०२९ को रेशीमबाग ग्राउंड, नागपुर में किया जा रहा है।
एग्रोव्हिजन का उद्देश्य किसानों को नई तकनीक संबद्ध व्यवसायों के बारे में नवीनतम जानकारी देना है ताकि वे अपनी आय बढ़ा सके और लाभदायक खेती का आनंद उठा सकें। इस असाधारण आयोजन की तैयारी जल्द पूरी होने वाली है। जिसमें राष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी, किसानों के लिए कार्यशालाएं, दिन भर के सेमिनार (संगोष्ठी) शामिल हैं।
प्रदर्शनी के लिए नियोजित डोम के लिए ९ हजार वर्ग मीटर की जगह ली जा रही है जबकि विशाल मशीनरी के लिए ४ हजार वर्ग मीटर का हैंगर लगाया गया है। कार्यशालाओं के लिए ७५० वर्ग मीटर के दो हॉल स्थापित किए गए है और २०० वर्ग मीटर जमीन पशुधन प्रदर्शनी के लिए समर्पित है। कुल १५ हजार वर्ग मीटर क्षेत्र पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।
किसानों के पंजीकरण के लिए दो काउंटर बनाए गए हैं। २४दिसंबर२०२१से शुरू होने वाली राष्ट्रीय प्रदर्शनी में तीन सेमिनार और विभिन्न विषयों पर विस्तृत कार्यशालाएँ है। किसानों को देश भर के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने और सफल किसानों के अनुभव से सीखने का अवसर इस माध्यम से मिलेगा। इसी के साथ फूलों की खेती, सब्जी बीज उत्पादन, हल्दी और अदरक की खेती प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना, बांस को खेती, औषधीय पौधों की खेती प्रौद्योगिकी, वनीकरण से आर्थिक समृद्धि, रंगीन कपास उत्पादन, कपास डंठल उपयोगिता, बॉल वर्म प्रबंधन, कृषि रसायनों का उचित उपयोग, खड़ी खेती मशीनीकरण के अवसर, रेशम की खेती, बकरी और भेड़ फार्मिंग, कृषि के लिए वित्तनियोजन, मधुमक्खी पालन, जैविक खेती, केले और संतरे का निर्यात योग्य उत्पादन, वर्षा पर निर्भर पारंपरिक तिलहन की उत्पादकता कैसे बढ़ाई जाए, विदर्भ में कृषि पर्यटन के अवसर, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, उत्पादन के अवसर और चुनौतियों, किसानों के लिए वरदान सगुणा धान प्रौद्योगिकी, जैसे विषयों पर भी इस साल कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है।
विभिन्न उपयोगी कार्यशालाओं में कुछ कार्यशालाएँ लंबी अवधि की होती है जबकि कुछ छोटी होती है। छह गुंबदों से ३५० से अधिक स्टाल का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र, आधुनिक मशीनरी, नाबार्ड और अन्य बैंकों तथा कृषि संबंधित जानकारी देने वाले सरकारप्रणित विभाग भी प्रदर्शनी में मौजूद रहेंगे। इस साल यूपीएल, एएस एग्री, पतंजलि, पीआई इंडस्ट्रीज, महीको और कई अन्य बड़े संगठनों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। इसके अलावा किसानों की भारी मांग के अनुसार पशुधन प्रदर्शनी आउटलेट भी उपलब्ध कराया जाएगा।
अॅ ग्रोविजन में कुल तीन सेमिनार आयोजित किए गए हैं। यह सेमिनार डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विदर्भ में डेयरी व्यवसाय के अवसर’, ‘विदर्भ में ताजे पानी में मत्स्य पालन के अवसर और कृषि प्रौद्योगिकी औरमूल्य संवर्धन आदी विषयों पर होगे। संगोष्ठियों का आयोजन खेती में रणनीतिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करने और किसानों की आय को समग्र रूप से बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाता है। प्रस्तुत संगोष्ठियों की जानकारी सुरेश भट सभागृह में आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई।
प्रेस वार्ता में अॅग्रोव्हिजन के संयोजक गिरीश गांधी, आयोजन सचिव रमेश मानकर, रवि बोरटकर और अॅग्रोव्हिजन सलाहकार समिती के अध्यक्ष डॉ. सी.डी. माई अॅग्रोव्हिजन फाउंडेशन के सदस्य सुधीर दिवे, समय बन्सोड, प्रशांत कुकडे, डॉ. सुनिल साहतपुरे, आनंद राउत मौजूद थे।
आयोजन समिति के सदस्योंद्वारा अपील की गई है कि किसान, उत्पादक, उपभोक्ता, कृषि छात्र और कृषि प्रेमी एग्रो विजन को अवश्य भेट दे और किसान कार्यशालाओं और संगोष्ठियों का लाभ उठाएं। अॅग्रोव्हिजन का उद्घाटन २४ दिसंबर २०२१ को सुबह ११ बजे अॅग्रोव्हिजन के मुख्य प्रवर्तक और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के हाथों किया जाएगा।
इसीके साथ केंद्रीय पशुपालन, मत्स्य और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, महाराष्ट्र विधानसभा के विपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस, कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्वथ नारायण सी. एन. और केंद्रीय उर्वरक, रसायन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खूबा उपस्थित रहेंगे।






