अवैध महिला साहूकार और उसके परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ सक्करदरा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। आरोप है कि उन्होंने कर्ज की सवूली के लिए व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी और उसके घर का सामान भी ले गए। परिणामस्वरूप उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
कर्ज वसूली के लिए घर का सामान ले गए थे
मृतक पुरुषोत्तम उर्फ बाबू उत्तमराव कोठमकर (47) बीड़ीपेठ निवासी था। परिवार के साथ किराए के कमरे मंे रहता था और फर्निचर का काम करता था। कोरोनाकाल में काम प्रभावित होने के कारण उसे घर चलाना मुश्किल हो गया था। जनवरी 2021 में उसने परिचित सुरेखा राऊत और उसके पति दादाराव से एक बार 15 हजार और दूसरी बार 40 हजार रुपए ब्याज पर लिए। प्रतिमाह ब्याज 15 और 20 प्रतिशत था।
शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देते थे
कर्ज चुकता नहीं कर पाने की वजह से सुरेखा और दादाराव और बेटियां पायल मेटे, प्रिया भायंदे और भारती बागड़े उसे शारीरिक और मानसिक रुप से प्रताड़ित कर रहे थे। कभी भी उसके घर में आ धमकते थे और गाली-गैलाज कर घर का सामान उठा ले जाते थे। इससे त्रस्त होकर आखिरकार पुरुषोत्तम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
जांच में हुआ खुलासा
आकस्मिक मृत्यु का प्रकरण दर्ज िकया गया था। जांच में पुरुषोत्तम की मौत के लिए सुरेखा अौर उसके परिवार के लोग जिम्मेदार पाए गए और सोमवार को पति-पत्नी सहित उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ प्रकरण दर्ज िकया गया। वरिष्ठ निरीक्षक पाटील के मार्गदर्शन में जांच जारी है।






